शिशु मंदिर का सत्र :-
सत्र 01 अप्रैल से 31 मार्च तक होता है | 21 मई से 30 जून तक ग्रीष्मावकाश रहता है |

शिशु मंदिर का समय :-

ग्रीष्मकालीन – (कक्षा प्रथम से पंचम तक) – प्रातः 8:00 से 1:30 बजे तक

(कक्षा अरुण(Nur.),उदय(L.K.G.), प्रभात(U.K.G.) तक) – प्रातः 8:30 से 1:00 बजे तक

शीतकालीन – (कक्षा प्रथम से पंचम तक) – प्रातः 9:00 बजे से 2:30 बजे तक

(कक्षा अरुण(Nur.), उदय(L.K.G.), प्रभात (U.K.G.) तक) – प्रातः 9:30 से 2:00 बजे तक

अरुण(Nur.), उदय(L.K.G.) व प्रभात(U.K.G.) कक्षा का शनिवार को अवकाश रहता है | शेष कक्षाएं सोमवार से शनिवार तक रहती हैं | शिशु की प्रतिदिन उपस्थिति आवश्यक है | 7 दिन तक लगातार बिना सूचना के अनुपस्थित रहना नाम पृथक होने का आधार बन सकता है |

प्रतिदिन सामूहिक होने वाले क्रियाकलाप

 

वंदना (विशाल कक्ष में बैठकर) समय 30 मिनट

1. प्रातः स्मरण +श्लोक गायन + दीप प्रज्ज्वलन
2. सरस्वती वंदना (संस्कृत + हिंदी)
3. ब्रह्मनाद
4. ध्यान (60 सेकंड)
5. गायत्री मन्त्र
6. भारतमाता वंदना
7. शांतिपाठ
8. योग
9. राष्ट्रगान

 

मध्यावकाश       :  भोजनमंत्र के उपरांत भोजन
अवकाशोपरांत   :  राष्ट्रगीत